एक बार फिर टल सकते हैं मप्र में निकाय और पंचायत चुनाव, क्या कहता समीकरण?

Once again, body and panchayat elections can be postponed in MP, what does the Election Commission say?

एक बार फिर टल सकते हैं मप्र में निकाय और पंचायत चुनाव, क्या कहता समीकरण?
रिपोर्ट। दीपक कोल्हे, एडिटर

एक बार फिर टल सकते हैं मप्र में निकाय और पंचायत चुनाव, क्या कहता समीकरण ?

भोपाल। मध्यप्रदेश में नगर निकाय चुनाव के ठंडे बस्ते में जाने के बाद और पंचायत चुनाव पर भी ग्रहण लग सकते हैं। दरअसल केंद्र के निर्देश पर शिवराज सरकार ने मध्य प्रदेश पुलिस की 50 कंपनियों को विधानसभा चुनाव के लिए बंगाल और तमिलनाडु भेजा है। जहां अब प्रदेश में सशस्त्र बल की उपलब्धता पंचायत चुनाव में बाधा बन रही है। इस मामले में गृह विभाग द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग को सूचना दे दी गई है।

बता दे की प्रदेश में दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा से पहले प्रथम चरण का चुनाव करना प्रस्तावित किया गया है। हालांकि आरक्षण को लेकर अभी तैयारी जारी है। साथ ही पंचायतों के आरक्षण के लिए भी शासन को पत्र लिखा गया है।

देखा जाये तो नगरी निकाय चुनाव पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में राज्य शासन ने विशेष अनुमति याचिका दायर की है लेकिन अब तक उस पर सुनवाई नहीं हुई है। जबकि जिला पंचायत के अध्यक्ष पदों पर आरक्षण की प्रक्रिया भी अभी तक पूरी नहीं की गई है। हालांकि आयोग द्वारा 15 दिन में राज्य शासन को पंचायत के अध्यक्ष पदों की आरक्षण पूरी करने को कहा गया है लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। अब ऐसी स्थिति में यह माना जा रहा है कि नगरी निकाय चुनाव पंचायत चुनाव एक बार फिर से टाले जा सकते हैं।