पूर्व मुख़्यमंत्री के ट्वीट से कर्मचारियों में हड़कंप, शिवराज बोले - घटिया राजनीति पर उतारू हुए कमलनाथ 

Ex-Chief Minister's tweet stirred up employees, Shivraj said - Kamal Nath was blamed for poor politics

पूर्व मुख़्यमंत्री के ट्वीट से कर्मचारियों में हड़कंप, शिवराज बोले - घटिया  राजनीति  पर उतारू हुए कमलनाथ 
रिपोर्ट। ब्यूरो CTN भारत, भोपाल

पूर्व मुख़्यमंत्री के ट्वीट से कर्मचारियों में हड़कंप, शिवराज बोले - घटिया राजनीति पर उतारू हुए कमलनाथ 

भोपाल। पूर्व मुख़्यमंत्री एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के ट्वीट से कर्मचारियों में हड़कंप मचने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बयान सामने आया है। मुख्यमंत्री शिवराज ने ट्वीट कर लिखा है कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने ऐसा कोई भी आदेश पारित नहीं किया है। यह पूर्णतः असत्य है कि हमने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु घटाई है। वो आज भी 62 वर्ष ही है।

शिवराज ने अगले ट्वीट में लिखा है कमलनाथ जी, रोज सुबह आप आयने में अपने आप को कैसे देख पाते होंगे? अपनी घटिया राजनीति एवं कांग्रेस की हार को सामने देख बौखलाये हुए, आप इस तरह की झूठी अफ़वाहें फैला रहे है? ये घिनौना कार्य सिर्फ़ आप और आप की पार्टी ही कर सकती है। मेरी सरकार हमेशा से ही कर्मचारी हितैषी सरकार रही है, आज भी है और आगे भी रहेगी। आप की तरह तबादला उद्योग चला कर्मचारियों को परेशान करने वाली सरकार नहीं है। हम सब एक टीम की तरह कंधे से कंधा मिलाकर काम करते है एवं मध्यप्रदेश के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

शिवराज ने आगे लिखा है कि दरअसल, सरकार ने उनकी भी कार्य करने की आयु सीमा 40 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष की है। इस अधिसूचना का चतुर्थ श्रेणी के स्थायी कर्मचारियों से कोई संबंध नहीं है। उनकी सेवानिवृत्ति की आयु यथावत 62 वर्ष ही है। पूर्व मुख्यमंत्री होते हुए भी ट्वीट करने से पहले आपने ये जानना भी उचित नहीं समझा की जो अधिसूचना सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी की गई है, वह मंत्रीगण की निजी स्थापना में मंत्रीगण द्वारा अपने कार्यकाल तक के लिए रखे जाने वाले अस्थाई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियो से संबंधित है।

क्या था कमलनाथ का ट्वीट

दरअसल, आज सुबह कमलनाथ ने ट्वीट करके लिखा था कि शिवराज सरकार  द्वारा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र 62 वर्ष से घटाकर पुनः 60 वर्ष करने का फ़ैसला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ धोखा है। इस निर्णय से उनके सामने संकट खड़ा होने वाला है।एक तरफ़ सरकार एरियर्स देने की स्थिति में नहीं है तो वो ग्रेच्युटी व पेंशन कैसे देगी ? चुनाव के पूर्व इस निर्णय से सरकार की नियत का खोट उजागर हुआ है।वही अगले ट्वीट में कमलनाथ ने लिखा था कि यह निर्णय उनके साथ अन्याय व भेदभाव पूर्ण है। भाजपा सरकार इस निर्णय पर पुनर्विचार करे।कांग्रेस सरकार आने पर कर्मचारी विरोधी निर्णयों को निरस्त करेंगे।

कर्मचारी हितैषी शिवराज सरकार, समाचार गलत

वही भाजपा नेता डॉ हितेष वाजपेयी ने भी एक बयान जारी कर कहा है कि यह समाचार पूर्णतः असत्य है कि सरकार द्वारा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु घटाई गयी है। जो अधिसूचना सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी की गई है , वह मंत्रीगण की निजी स्थापना में मंत्रीगण द्वारा अपने कार्यकाल तक के लिए रखे जाने वाले अस्थाई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियो से संबंधित है । दरअसल, सरकार ने उनकी कार्य करने की आयु सीमा 40 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष की है। इस अधिसूचना का चतुर्थ श्रेणी के स्थायी कर्मचारियों से कोई संबंध नहीं है। उनकी सेवानिवृत्ति की आयु यथावत 62 वर्ष ही है। वर्तमान सरकार कर्मचारी हितैषी सरकार है और उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।