शासकीय बालक माध्यमिक शाला से गायब एलईडी प्रधान पाठिका के घर मिली
Missing LED from government boy secondary school found in the house of head teacher.
शासकीय बालक माध्यमिक शाला से गायब एलईडी प्रधान पाठिका के घर मिली
छिंदवाड़ा/चाँद। मध्य प्रदेश में शासन की योजनाओं को कैसे बट्टा लगाया जा रहा है इसका ताजा उदाहरण छिंदवाड़ा के चांद तहसील की बालक प्राथमिक शाला में देखने मिला। जहां स्कूल से गायब एलईडी प्रभारी प्रधान पाठिका स्वाति जैन के घर मिला। खास बात यह है कि उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से अनुमति भी नहीं ली थी। जब उन्हें भनक लगी कि मीडिया कर्मी इस बात की जानकारी लेने पहुंचे है। उन्होंने तत्काल टीवी स्कूल में लाकर रख दिया।
बता दें कि माध्यमिक शाला के बच्चों को एडवांस शिक्षा देने के उद्देश्य से शासन की योजनाओं के तहत विधायक निधि से जिले भर की माध्यमिक शालाओ में एलईडी वितरित की गई थी। जिससे छात्रों के पढ़ाई का स्तर सुधारा जा सके, लेकिन तहसील चांद के बालक माध्यमिक शाला की प्रधान पाठिका को बच्चों के पढ़ाई का स्तर नहीं अपने घर का लिविंग स्टैंडर की ज्यादा चिंता थी। प्रभारी प्रधान पाठिका को शासन की योजना नागवार गुजरी। वह छात्रों को मिलने वाली योजना को दरकिनार करते हुए एलईडी टीवी अपने घर ले गई। तब से वह अपने परिवार के साथ टीवी कार्यक्रमों का लुत्फ उठा रही थी। मीडिया ने इस मामले को खंगाला तो पता चला एलईडी स्कूल में नहीं है। इस बात की भनक लगते ही प्रभारी प्रधान पाठिका तत्काल दो पहिया वाहन से पति के साथ एलईडी लेकर स्कूल आ पहुंचीं। उन्होंने अपनी सफाई में एलईडी चोरी होने से बचाने का बहाना बनाकर अपने आपको बचाने का प्रयास किया। जबकि स्कूल में एलईडी से मंहगा समान भी रखा हुआ है। वही इस मामले में संकुल प्राचार्य ने जानकारी न होने की बात कहकर इस मामले से पल्ला झाड़ लिया। हालांकि डीईओ अरविंद चौरगड़े ने जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है। सबसे बड़ी बात यह है कि मेडम को सरकारी संपत्ति अपने घर ले जाने का अधिकार है ? क्या उन्होने एलईडी घर ले जाने किसी अधिकारी से अनुमति ली थी ? इन दो सवालों का जवाब कौन देगा।
अब देखना यह है कि शिक्षा अधिकारी इस मामले में कार्रवाई करते है या प्रधान पाठिका को बचाने की कोशिश ? बहरहाल जिला अधिकारी ने बीआरसी को जांच करने को लिखा है।


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