प्रदेश में अब कमलनाथ के नेतृत्व पर उठने लगे सवाल, विधायक भी हो रहे लामबंद

Now questions are being raised on the leadership of Kamal Nath in the state, MLAs are also mobilizing

प्रदेश में अब कमलनाथ के नेतृत्व पर उठने लगे सवाल, विधायक भी हो रहे लामबंद
रिपोर्ट। दीपक कोल्हे एडिटर CTN भारत

प्रदेश में अब कमलनाथ के नेतृत्व पर उठने लगे सवाल, विधायक भी हो रहे लामबंद

भोपाल। मध्य प्रदेश के 28 सीटों के उपचुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। इसके साथ ही जनता ने स्पष्ट तौर पर शिवराज सरकार को बहुमत सौंपा है। उपचुनाव के नतीजे से पहले जहां मध्य प्रदेश सहित पूरे देश को उम्मीद थी कि कमलनाथ  के नेतृत्व में कांग्रेस बड़े परिवर्तन करेगी। वही इस नतीजे ने एक बार फिर से कमलनाथ के नेतृत्व को सवालों के घेरे में रख दिया है। इसके साथ जो सवाल तेजी से लोगों के मन में उठ रहे हैं वह है कि क्या मध्यप्रदेश में कांग्रेस को कमलनाथ के भरोसे छोड़ सकते हैं? हालांकि अब इस सवाल के जवाब में कांग्रेस का अंदरूनी वर्ग भी कन्नी काटता नजर आ रहा है।

दरअसल कांग्रेस के आलाकमान के सामने एक बड़ी चुनौती है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस को संगठित करने की। इसका कारण है पार्टी के विधायकों द्वारा कमलनाथ के नेतृत्व पर सवाल उठाना। 28 विधानसभा सीटों में करारी शिकस्त झेलने के बाद अब कांग्रेसी नेता कमलनाथ से सवाल करते नजर आ रहे। कांग्रेस के वरिष्ठों का कहना है कि आखिर मध्यप्रदेश में कमलनाथ की हार का कारण क्या है। क्या कमलनाथ का मैनेजमेंट फेल था, सर्वे गलत था या नाथ के आसपास के सलाहकार ही गलत थे। जिस तरह से अब सवाल खड़े हो रहे उससे तो साफ है कि कहीं ना कहीं कांग्रेस के अंदर नेताओं के बीच यह सवाल बहुत दिनों से पनप रहे है।

हालांकि कांग्रेस के अंदर समीकरण बेहद कमजोर नजर आ रहे हैं। प्रदेश पार्टी कमेटी और केंद्रीय कमेटी के बीच एक तरह से कोई समन्वय नहीं है। वहीं दूसरी तरफ मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिरने के बाद भी कांग्रेसी खेमे में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला था। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा भी कई बार कमलनाथ के नेतृत्व पर सवाल खड़े किए गए। पार्टी के कई दिग्गज नेताओं द्वारा यह बोला गया है कि कमलनाथ नेताओं को उनके समर्थ अनुसार कार्य नहीं सौंपते हैं। अब ऐसे में मध्यप्रदेश में कांग्रेस फिलहाल राम भरोसे ही आगे बढ़ती नजर आ रही है।