एक अप्रैल से पूर्ण रूप से होगा बिजली बिल का ऑनलाइन भुगतान - 20 रुपये तक की मिलेगी छूट
Online payment of electricity bill will be done from April 1- Rebate of up to Rs 20
एक अप्रैल से पूर्ण रूप से होगा बिजली बिल का ऑनलाइन भुगतान - 20 रुपये तक की मिलेगी छूट
भोपाल। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने जानकारी दी है कि एक अप्रैल से कंपनी अपने केश काउण्टर बंद करने जा रही है। इसके विकल्प के तौर पर वर्तमान में चल रहे एमपी ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेन्टर, एटीपी मशीन, कंपनी के पोर्टल portal.mpcz.in (नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई, ईसीएस, ईबीपीएस, बीबीपीएस, कैश कार्ड, वॉलेट, पेटीएम, गूगल पे, फोन पे आदि) एवं उपाय मोबाइल एप विकल्पों द्वारा बिल भुगतान की सुविधा उपभोक्ताओं को उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा चिन्हित स्थानों पर चयनित एजेंसियों को ऑनलाइन भुगतान के लिए अधिकृत किया जाएगा।
कंपनी ऑनलाइन भुगतान के अन्य विकल्पों को उपलब्ध कराने पर भी विचार कर रही है। कंपनी ने यह स्पष्ट किया है कि चालू फरवरी-मार्च माह में मीटर रीडर को बिजली बिल भुगतान के लिए अधिकृत नहीं किया गया है इसलिए इन माहों में मीटर रीडर को बिजली बिल का भुगतान नहीं करें तथा यदि ऐसा कोई व्यक्ति केश कलेक्शन के लिए उपभोक्ता के परिसर में आता है तो उससे बिजली कंपनी का आईडी कार्ड जरूर मांगा जाए तथा संबंधित व्यक्ति की फोटो खींचकर रखें।
ऑनलाइन भुगतान के फायदे :
ऑनलाइन भुगतान पर 5 से 20 रुपये तक की छूट मिलेगी। उपभोक्ता को बिल भुगतान की तुरंत जानकारी मिलेगी। उपभोक्ताओं के समय की बचत होगी। बिल भुगतान के लिए बिजली ऑफिस नहीं जाना पड़ेगा। ऑनलाइन भुगतान किसी भी समय कहीं से भी किया जा सकेगा।
ऑनलाइन भुगतान के विकल्प
एम.पी.ऑनलाईन, एटीपी मशीन, कॉमन सर्विस सेन्टर, कंपनी पोर्टल (नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई, ईसीएस, ईबीपीएस, बीबीपीएस, कैश कार्ड एवं वॉलेट आदि), पेटीएम एप एवं बेवसाइट और उपाय मोबाइल एप।
ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने दी आई.टी. टीम को बधाई
मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल के सूचना प्रौद्योगिकी अनुभाग द्वारा उच्च-दाब न्यू जनरेशन बिलिंग सॉफ्टवेयर का क्रियान्वयन सफलतापूर्वक किया गया है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रदेश के लगभग 7 हजार 800 उच्च-दाब उपभोक्ताओं की बिलिंग की जा सकेगी।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की आई.टी. टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि उच्च-दाब उपभोक्ताओं से वितरण कंपनियों को कुल राजस्व का 50 प्रतिशत मिलता है। उच्च-दाब उपभोक्ताओं का प्रदेश को आत्म-निर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान है। इससे इन्हें भी सहूलियत होगी।
इसे मध्यप्रदेश की तीनों वितरण कंपनियों यथा मध्य क्षेत्र, पूर्व क्षेत्र एवं पश्चिम क्षेत्र में लागू कर दिया गया है। इस बिलिंग प्रणाली के उपयोग से एक ओर जहाँ कंपनी को सालाना करोड़ों की बचत होगी, वहीं कोई भी तकनीकी परिवर्तन करने के लिए किसी बाह्य कंपनी पर आश्रित नहीं रहना पडे़गा। साथ ही अन्य कार्यों जैसे कि वार्षिक टैरिफ कार्यान्वयन, एवं अन्य नियामक एवं शासकीय अनुपालन तय समय-सीमा में किया जा सकेगा।


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