हर दिन आते बाहरी लोगो के साथ जिले में बढ़ रहा कोरोना का खतरा, जाने क्या है इसकी वजह.....
The government administration must implement the lock down till May 3, keeping in mind Prime Minister Modi ji, as the number of corona positives in other districts is continuously increasing, it seems that the lock down can be relaxed. Is not free from danger
हर दिन आते बाहरी लोगो के साथ जिले में बढ़ रहा कोरोना का खतरा, जाने क्या है इसकी वजह.....
सभी सीमाएं सील, बावजूद जिले में बड़ी संख्या में पैदल प्रवेश कर रहे बाहरी जिलो और अन्य राज्यो के लोग, लोगो के प्रवेश पर नही लग पा रही है पूर्ण रोक.....
छिन्दवाड़ा- कोरोना महामारी के चलते पुरे देश में 3 मई तक टोटल लॉक डाउन जारी है, ऐसे में इस भयावह महामारी से बचाव और इसके फैलाव को रोकने के मद्देनजर केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकारे और स्थानीय प्रशासन द्वारा कई अहम कदम उठाये जा रहे है, इस कोरोना महामारी के चलते विभिन्न यात्री परिवहन व्यवस्था भी स्थगित की गई है लोगो के पैदल आवा जाही पर भी अगले आदेश तक रोक है, इस वक्त छिन्दवाड़ा में कोरोना के 5 पॉजिटिव मरीज है इसमें से इलाज के दौरान विगत दिनों एक की मौत हो चुकी है एव अन्य चार लोगो का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिले में कोरोना संक्रमण को देखते हुए इससे बचाव के लिए छिन्दवाड़ा जिला प्रशासन द्वारा भी अनेको कदम उठाये जा रहे है, प्रशासन द्वारा दावा किया जा रहा है की जिले की सभी सीमाये सील कर दी गई है और किसी भी बाहरी व्यक्ति को जिले में प्रवेश की अनुमति नही है, वाहनों के साथ लोगो के पैदल आवा गमन पर भी पूर्णतः रोक लगा दी गई है, मगर कही न कही प्रशासन का दावा झुटा साबित हो रहा है हम ऐसा इस लिए कह रहे है क्योंकि सीमाये सील होने के बावजूद अब भी बड़ी संख्या में बाहरी लोगो का जिले के अंदर आना प्रवेश जारी है, भले ही मुख़्य मार्गो में पुलिस की तैनाती कर पैदल और वाहनों की आवा जाही पर रोक लगाई गई हो बावजूद जंगल और रेल्वे पटरी के रास्ते अब भी जिले भर में अन्य राज्यो एव अन्य जिलो के लोगो का आवा गमन लगातार जारी है, विशेष कर बाहरी लोगों का जिले के अंदर आना कही न कही कोरोना के खतरे को कम करने की बजाय बढ़ाता ही जा रहा है, प्रशासन को चाहिए की वो बाहरी लोगो की इस अंदरुनी रास्तो से जारी आवा जाही पर तत्काल सख्ती से रोक लगाये अन्यथा आगे आने वाले दिनों में ये लापरवाही जिले के लाखो लोगों पर भारी भी पड़ सकती है, कही अगर एक भी कोरोना पॉजिटिव धोके से जिले के अंदर प्रवेश कर गया तो प्रशासन और आमजन के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है एव जिले की स्थिति अन्य जिलों की तरह बिगड़ भी सकती है, ज्ञात हो की छिन्दवाड़ा से महाराष्ट्र नागपुर की सीमा लगी हुई है ऐसे में यहा सबसे ज्यादा ध्यान दिए जाने की जरुरत है।
बाहरी व्यक्ति के प्रवेश की सूचना पर अधिकारी त्वरित करे अपनी कार्ववाही .....
ऐसा ही एक मामला सोमवार की सुबह सामने आया, जहा पाठाढाना रोड से कुछ लोग पैदल चलकर शहर की ओर अंदर आ रहे थे, जैसे ही क्षेत्र के कुछ लोगो की नजर इन पर पड़ी तो उन्होंने पैदल चलकर आ रहे इन लोगो से बात कर आने की जानकारी ली तो पता चला की यह लोग महाराष्ट्र के औरंगाबाद से आ रहे है और विगत सात दिनों से दिन रात पैदल चलकर सोमवार सुबह छिन्दवाड़ा पहुचे है, जानकरी के बाद क्षेत्र के कुछ जागरूक व्यक्तियो द्वारा इस पुरे मामले की सुचना CTN भारत के एडिटर दीपक कोल्हे को दी गई जिसके बाद जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियो को इस बात की सूचना दी गई आख़िरकार क्षेत्र वासियो द्वारा काफी देर तक उक्त लोगो को रोखकर भी रखा गया मगर किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति के नही पहुचने पर सभी को नागपुर रोड से जाने के लिए कहा गया जब तक खबर शोशल मिडिया में आते ही हलचल तेज हुई और फिर मुख़्य रास्ते से शहर आ रहे इन लोगो को प्रशासन ने अपने अंडर में लिया और शिवाजी चौक में सबका स्वास्थ परिक्षण कर स्क्रीनिंग के साथ आगे की कार्यवाही प्रारम्भ की गई। बताया जा रहा है की सभी छिंदवाड़ा के ही अलग अलग क्षेत्र के निवासी है और महाराष्ट्र के औरंगाबाद में लॉक डाउन के चलते फस गए थे।
शासन प्रशासन को प्रधानमंत्री मोदी जी की बात को ध्यान में रखकर विगत 3 मई तक लॉक डाउन रखना अनिवार्यता रूप से लागू करना चाहिए क्योकि जिस प्रकार अन्य जिलों में लगातार कोरोना पॉजिटिव की संख्या में इजाफा हो रहा है उससे तो लगता है की लॉक डाउन में ढील देना खतरे से खाली नहीं है


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