छिंदवाड़ा श्री बड़ी माता मंदिर ट्रस्ट के सेवादार लोगो को वेक्सिनेशन के लिए लगातार जागरूक कर रहे है 

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छिंदवाड़ा श्री बड़ी माता मंदिर ट्रस्ट के सेवादार लोगो को वेक्सिनेशन के लिए लगातार जागरूक कर रहे है 
रिपोर्ट। दुर्गेश नरोटे, छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा श्री बड़ी माता मंदिर ट्रस्ट के सेवादार लोगो को वेक्सिनेशन के लिए लगातार जागरूक कर रहे है 


छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा में अनलॉक के साथ ही श्री बड़ी माता मंदिर ट्रस्ट द्वारा छिंदवाड़ा जिले का सबसे बड़े जन सहायता भोग, सैनिटाइजेशन ,मल्टी विटामिन गोलियां, त्रिकुटा चूर्ण व जरूरतमंद मरीजो  के लिए मेडिसिन, कोरोना से ग्रसित लोगो के लिए दवाई वितरण किया गया। वर्तमान स्थिति में सभी व्यक्तियों को आवश्यक  क्षेत्रों में  हर संभव मदद के प्रयास से श्री बड़ी माता मंदिर ट्र्स्ट विगत 40 दिनों से प्रयासरत है।

जिला प्रशासन  SDM साहब, सी ई ओ साहब,तहसीलदार साहब एवमं टीकाकरण अधिकारी के विशेष प्रयासों से हमे वेक्सिनेशन ने लिए अभी तक लगभग 1000 लोगो का स्लॉट मिला है। बड़ी माता ट्र्स्ट के अध्यक्ष संतोष सोनी जी आग्रह में  वेक्सिनेशन टीम बनाई गई जिसमें प्रमुख रूप में तरुण सोनी,गौरव सोनी प्रतीक दामोदर,सावन जैन, दीपेश सोनी,मधुर जैन, के द्वारा  क्षेत्र में भी छोटी बाजार क्षेत्र में गली मौहल्ले वासियो के घरों घर जा कर टीकाकरण लगवाने के लिए सभी जागरूक किया। साथ ही साथ मंदिर के द्वारा वेक्सिनेशन स्लॉट रजिस्ट्रेशन भी किया गया। खास हम उन लोगो का टीकाकरण करवा रहे है। जो लोग मोबाइल के माध्यम से अपना स्लॉट बुक करवापाने में परेशान हो रहे है। हम ऐसे सभी व्यक्ति को वेक्सिनेशन लगवा रहे है। आज मन्दिर ट्र्स्ट  के द्वारा लगभग छिंदवाड़ा नगर के 700 लोगो को हमने शासकीय उत्कृष्ट विधालय में वेक्सिनेशन करवाया गया।


व्रक्षारोपण ही नही व्रक्ष को शिशु के रूप में देखभाल का संकल्प करेगा मंदिर ट्रस्ट

मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष संतोष सोनी ने अपनी चर्चाओं में बताया कि इस संकट काल मे हमे ऑक्सीजन की मात्रा की कमी गई। ये हमारी ही गलतियों का परिणाम है। हम विगत एक माह में ऐसा समय देख चुके है। जहाँ हर कोई ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था के लिए बहुत अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। हम प्रकृति से फ्री में इतनी अधिक मात्रा में ऑक्सीजन का ग्रहण करते है। हमने आस पास देखा होगा  सभी सामाजिक धार्मिक संस्थाए व कोई भी व्यक्ति विशेष व्रक्षोरोपण  व्यापक स्तर में क्ररता है। व्रक्षो का बड़ी संख्या में रोपण किया जाता है। लेकिन बहुत ही कम व्रक्ष फलते फूलते है। हम व्रक्षारोपण का सफल कार्यक्रम शिशु के रूप में देखभाल कर संपन्न करेगें। व्रक्षारोपण उतना ही करे जितने व्रक्षो की हम देखभाल कर सकते है। हर व्रक्ष एक जिम्मदारी के अनुरुप रोपण करना चाहिए। व्रक्षारोपण का कार्य हम  पर्यावरण दिवस से आने वाली हरयाली अमावस्या तक निरंतर अलग अलग  क्षेत्रो में व्रक्षारोपण के कार्यो प्रयासरत   रहेंगे।