नवरात्रि पर पंडाल नहीं लगे तो क्या ! बच्चों ने परिवार में ही खेला "गरबा"

What if there is no pandal on Navratri? Children played "Garba" in the family

नवरात्रि पर पंडाल नहीं लगे तो क्या ! बच्चों ने परिवार में ही खेला
रिपोर्ट। दुर्गेश नरोटे, छिंदवाड़ा

नवरात्रि पर पंडाल नहीं लगे तो क्या ! बच्चों ने परिवार में ही खेला "गरबा"

छिन्दवाड़ा। नवरात्र की शुरुआत बीते शनिवार से हुई। इस दौरान मुहूर्त अनुसार माता की मूर्तियां घर-आंगन व पंडालों में विराजमान की गई। कोरोना काल के सात माह बाद नवरात्र पहला त्योहार है, जिसमें पंडाल लगाने सहित अन्य प्रकार की राहत प्रदान की गई है। बावजूद इस दफा गरबा पंडालों के न लगने से बच्चों और युवाओं में काफी मायूसी है। हर साल रंगबिरंगी रोशनी में नहाने वाले शहर के प्रमुख मैदान औऱ बड़े हॉल इस साल खाली फ़ीके नज़र आ रहे हैं।

ऐसे में शहर के प्रतिष्ठित जैन परिवार द्वारा पावन नवरात्र पर्व पर अपने परिवार में ही गरबा आयोजन किया गया। जहां बच्चों के साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों ने भी मातारानी की भक्ति में भावविभोर होकर गरबा खेला। परिवार के वरिष्ठ सदस्य श्री नरेन्द्र जैन ने बताया कि इस साल शहर में गरबा आयोजन नहीं होने से बच्चों में मायूसी थी, जिस पर परिवार ने घर पर ही गरबा खेलकर बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने का प्रयास किया। परिवार के बीच गरबा आयोजन मातारानी की भक्ति के साथ परिवार के बीच शक्ति को बढ़ाने वाला साबित हुआ। परिवार के नन्हें-मुन्ने वर्ण जैन, पर्व जैन, ऋषभ जैन और ऋषिका जैन ने गरबा खेल पूरे घर को मातारानी की भक्ति में रंग दिया।