छिंदवाड़ा के पड़ोसी जिले में कोरोना पॉजिटिव, प्रशासन अपना ध्यान केंद्रित करे ....
Everyday hundreds of vehicles are diverted from Nagpur, thousands of people commute from here to there and there should be immediate stop on the transport service in view of security, without checking that no person from Nagpur will be in Chhindwara Entry, District Check posts should be made at the border.
छिन्दवाड़ा से कुछ किलोमीटर की दुरी पर कोरोना, कही भारी न पड़ जाये प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली
नागपुर से रोजाना सैकडो वाहनों की होती है आवा जाही, हजारो लोग करते है इधर से उधर आवा गमन, सुरक्षा के मद्देनजर परिवहन सेवा पर तत्काल लगाई जानी चाहिए रोक, बिना जाच के किसी भी व्यक्ति की नागपुर से छिन्दवाड़ा में न हो ऐंट्री, जिले की सीमा पर बनाया जाना चाहिए चेक पोस्ट।
छिन्दवाड़ा- इन दिनों कोरोना वायरस के मद्देनजर इससे बचाव के लिए पुरे देश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। विशेष कल हमारे छिन्दवाड़ा से लगे पडोसी राज्य महाराष्ट्र के नागपुर में कोरोना पीडितो के मिलने के बाद यहा टोटल लॉक-डाउन कर दिया गया है। बाजार हो या मॉल हो या फिर चाहे चाय पान की छोटी दुकाने हो सब बंद है। नागपुर की सड़को पर लोगो की आवा जाही पर रोक लगा दी गई है। जिसे अति आवश्यक हो उसे ही आने जाने की छुट दी जा रही है। नागपुर प्रशासन ने हर वो बड़े कदम उठाये है जो कोरोना से बचाव में मददगार साबित हो। लेकिन महाराष्ट्र से लगा बड़ा सीमावर्ती क्षेत्र होने के बावजूद अभी तक छिन्दवाड़ा में प्रशासन सुस्त ठंडा दिखाई पड़ रहा है, अभी तक किसी भी प्रकार से कोई ठोस और बड़े कदम नही उठाये गए है। छिन्दवाड़ा में कोरोना को लेकर प्रशासनिक लापरवाही साफ नजर आ रही है, ज्ञात हो की सैकडो वाहनों की रोजाना आवाजाही नागपुर से छिन्दवाड़ा और छिन्दवाड़ा से नागपुर के मध्य होती है। हजारो लोग छिन्दवाड़ा से नागपुर और नागपुर से छिन्दवाड़ा आते जाते है। ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर कड़े कदम उठाये जाने की दरकार है कुछ दिनों के लिए छिन्दवाड़ा नागपुर के मध्य परिवहन सेवा पर पूर्ण रोक लगाई जाने की जरुरत है। अन्यथा किसी भी वक्त कोरोना का छिन्दवाड़ा में आगमन हो सकता है और अगर ऐसा हुआ तो आगे आने वाले दिनों में ये बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। कोरोना वायरस के महामारी घोषित होने के बाद से देश के ज्यादातर राज्यो ने ऐतियात के तौर पर कई प्रतिबन्ध लगा दिए है। परिवहन सेवा पर रोक लगाई गई है तो कही धारा 144 के साथ बाजारों को टोटल लॉक डाउन कर दिया गया है। वही दिल्ली में होटल रेस्टॉरेंट तक बंद कर दिए गए है। वही दूसरी तरफ छिन्दवाड़ा में प्रशासन के आदेशो की खुलेआम धज्जिया उड़ाई जा रही है उसके बावजूद प्रशासन मोन है अभी तक शहर में नियमो का पालन नही करने वालो पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नही की जा सकी है। मॉल हो कोचिंग संस्थान हो या जिम हो कोई भी प्रशासन के आदेशो का पालन नही कर रहा है। छिन्दवाड़ा से लगे नागपुर में कोरोना के मरीज सामने आने के बाद यहा टोटल लॉक डाउन कर दिया गया है। लेकिन बात जिले की करे तो यहा अभी तक जो भी छोटे मोठे कदम उठाये गए है वो सभी महज कागजो तक ही सिमित है। जिले की जनता की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन को चाहिए की वो अन्य राज्यो की तरह यहा भी हर संभव कदम उठाये और कोरोना से जिले को बचाते हुए आमजन को इससे सुरक्षित करे।
पुलिस वाहनों का भी लिया जा सकता है सहारा
नागपुर की तर्ज पर जिले में भी कोरोना के बचाव के लिए पुलिस वाहनों का सहारा लिया जा सकता है। पुलिस वाहनों से जगह जगह अलाउंसमेंट कराकर लोगो को इस अति खतरनाक कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करने के साथ साथ प्रशासन के आदेशो का पालन कराया जा सकता है। नागपुर में हर जगह तिराहे चौराहे के साथ अन्य भीड़ भाड़ वाले इलाको में पुलिस द्वारा अपने वाहनों से इससे बचाव और सावधानी वाले सन्देश प्रसारित किये जा रहे है। छिन्दवाड़ा में भी तत्काल ऐसे कदम उठाये जाने की आवश्यकता है।


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