शहीदों की स्मृति में 30 जनवरी को मौन धारण के संबंध में दिशा निर्देश

Guidelines regarding silence on January 30 in memory of martyrs

शहीदों की स्मृति में 30 जनवरी को मौन धारण के संबंध में दिशा निर्देश
DEEPAK KOLHE

शहीदों की स्मृति में 30 जनवरी को मौन धारण के संबंध में दिशा निर्देश ..

राज्य शासन द्वारा प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी 30 जनवरी को प्रात: 11 बजे भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने जीवन का बलिदान करने वाले शहीदों की स्मृति में मौन धारण करने के संबंध में दिशा निर्देश दिये गये हैं। इन निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर डॉ.श्रीनिवास शर्मा द्वारा पुलिस अधीक्षक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अतिरिक्त कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग सहित सभी विभाग प्रमुखों, राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों, नगर निगम आयुक्त, तहसीलदारों, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों, शासकीय एवं स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्यों, नगर दंडाधिकारी और जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को राज्य शासन के दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है। इन निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर कार्यालय के प्रांगण में 30 जनवरी को प्रात: 11 बजे भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने जीवन का बलिदान करने वाले शहीदों की स्मृति में मौन धारण किया जायेगा।

      कलेक्टर डॉ.शर्मा ने राज्य शासन द्वारा भारत के स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की स्मृति में व्यापक रूप से आम जनता की भागीदारी के लिये निर्धारित किये गये स्थायी अनुदेश के अनुसार निर्देश दिये है कि 30 जनवरी को पूर्वान्ह 11 बजे जिले में कार्य और अन्य गतिविधियां रोक दी जानी चाहिये तथा दो मिनट का मौन रखा जाना चाहिये। दो मिनट का मौन शुरू होने तथा समाप्त होने की सूचना जहां कहीं व्यावहारिक हो, सायरन बजाकर दी जानी चाहिये। दो मिनट का मौन शुरू होने की सूचना 10.59 बजे से 11 बजे तक सायरन बजाकर दी जानी चाहिये और फिर दो मिनट बाद 11.02 बजे से 11.03 बजे तक ऑल क्लियर सायरन बजाये जाना चाहिये। जहां सायरन हो वहां यही कार्यविधि अपनाई जाना चाहिये। सिग्नल सुनकर सभी व्यक्ति खड़े हो जाये और मौन धारण करें। मौन धारण करने के लिये प्रत्येक व्यक्ति अपने कमरे में अथवा उस स्थान पर जहां वह हो, अकेले खड़े होने के बजाय यदि सभी व्यक्ति एक ही स्थान पर इकट्ठे होकर मौन के लिये खड़े हो सकें तो यह और भी कारगर तथा प्रभावशाली होगा। साथ ही निजी संस्थाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, अशासकीय संस्थाओं में भी 2 मिनट मौन रहकर शहीद दिवस मनाया जाये। स्कूलों और महाविद्यालयों में सायरन की जगह घंटी बजाई जा सकती है। उन्होंने कहा है कि विगत वर्षों में यह देखा गया है कि जिस समय कुछ कार्यालयों में 2-3 मिनट का मौन रखा जा रहा होता है, उस समय आम लोग अपने दैनिक कार्य में लगे रहते है। कठिनाई से प्राप्त की गई स्वतंत्रता की सुरक्षा, संरक्षण तथा उसकी समृध्दि के प्रति सजग रहना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य और उसका नैतिक उत्तरदायित्व है, इसलिये अनुरोध है कि शहीद दिवस को उचित गंभीरता से और जनता व मीडिया की भागीदारी से मनाया जाना सुनिश्चित करने के लिये सभी आवश्यक उपाय कर शहीद दिवस संपूर्ण गरिमा के साथ मनाया जाये।