प्रशासन के नाक के निचे रिटायर्ड बैंक कर्मी ने किया सरकारी जगह पर अपना कब्जा

A retired bank employee encroached on government land under the nose of the administration.

प्रशासन के नाक के निचे रिटायर्ड बैंक कर्मी ने किया सरकारी जगह पर अपना कब्जा
CTN BHARAT

प्रशासन के नाक के निचे रिटायर्ड बैंक कर्मी ने किया सरकारी जगह पर अपना कब्जा

छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश के  मुख़्यमंत्री आदेशानुसार प्रत्येक जिले के अधिकारियों निर्देश दिए गए है की अवैध कब्जे पर काबिज कब्जेदारीयो और भूमाफियो पर हर हाल में एक्शन लेना फिर भी आज जिसे देखो वह सरकारी जमीन पर कब्ज़ा करने की होड़ में लगा हुआ है चाहे वह भू माफिया हो, चाहे वह जुग्गी झोपड़ी वाला हो, चाहे वो फुटफाट की जगह क्यों न हो।  हर और कब्जेदारी से आम आदमी परेशान हो चला है।  बड़ी बात यहाँ भी है की ऐसे मामले राजस्व विभाग में सैकड़ो की संख्या में धूल खा रहे है क्योकि रसूकदार अपने पैसा और पावर का गलत स्तेमाल करने से पीछे नहीं होते। इसी चक्कर में आम जनता परेशान होती रहती है।  

ऐसा ही एक मामले की जानकारी मिली तो सोचा इस खबर को आम जनता से लेकर प्रशासन तक पहुंचाने का माध्यम बनू। 

मामला छिंदवाड़ा निगम क्षेत्र से लगा वार्ड क्रमांक 21 जनता कॉलोनी बोरिया रोड का है जहा एक रिटायर्ड बैंक कर्मी  ने पिछले कुछ साल पहले कोविड के समय का फायदा उठाते हुए सरकारी जगह में प्रीकास्ट बाउंड्री वाल लगाकर अपने आलिशान बंगले की शान बना लिया।  मामला जब तहसील पंहुचा तो तत्कालीन तहसीलदार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए पटवारी ने जांच के बाद अपना  प्रतिवेदन पेश किया तो कब्जेदारी लगातार जांच में बाधा उत्पन करने लगे, उसी समय छिदवाड़ा तहसीलदार महोदय को किसी अन्य जगह पर ट्रांसफर कर दिया गया।  नए तहसीलदार के समक्ष जब यहाँ अतिक्रमण का मामला सामने आया तो सवेंदनशील तहसीलदार महोदया के द्वारा पुनः जांच के आदेश दिए गए जिसको लेकर पटवारी एवं RI की संयुक्त टीम द्वारा  रिटायर्ड बैंक कर्मी के घर की नपाई की गई जिसमें रिटायर्ड बैंक कर्मी की भूमि का फ्रंट 218 फिट पाया गया जबकि कब्जा 234 फिट का  है,जबकि नक्शे में केवल 218 फिट है , नक्शे मै सरकारी नाले की चौड़ाई 26.5 फिट है , अतिक्रमण कर्मी द्वारा सरकारी नाले की भूमि पर (8 sqf× 72 sqf=576 वर्ग फीट) पर  अतिक्रमण होना पाया गया मौके पर मौजूद लोगो ने राजस्व की टीम द्वारा बनाया गया पंचनामा में अपने हस्ताक्षर किये लेकिन सरकारी भूमि का अतिक्रमणकारी के परिवार के किसी भी सदस्यों ने पंचनामे पर अपने हस्ताक्षर नहीं किये। 

अब देखना है की प्रदेश के इस सख्त आदेशों पर सरकारी भूमि का अतिक्रमणकारी  रिटायर्ड बैंक कर्मी  पर प्रशासन का बुलडोजर कब तक चल पायेगा।