विश्वविद्यालयों के परिक्षेत्र पुनर्निर्धारण में रखें विद्यार्थियों की सुविधा का ध्यान : मंत्री डॉ. यादव

Keep in mind the convenience of the students in the rescheduling of the campus of universities: Minister Dr. Yadav

विश्वविद्यालयों के परिक्षेत्र पुनर्निर्धारण में रखें विद्यार्थियों की सुविधा का ध्यान : मंत्री डॉ. यादव
रिपोर्ट। एडिटर दीपक कोल्हे

विश्वविद्यालयों के परिक्षेत्र पुनर्निर्धारण में रखें विद्यार्थियों की सुविधा का ध्यान : मंत्री डॉ. यादव

भोपाल। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थियों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए शासकीय विश्वविद्यालयों के परिक्षेत्र का पुनर्निर्धारण किया जाए। विश्वविद्यालयों में जैविक कृषि, कृषि, हॉर्टिकल्चर एवं अन्य पाठ्यक्रमों को एक विषय के रूप में पढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार करें। आगामी समन्वय समिति की बैठक में यह प्रस्ताव रखा जाए।  उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय मुख्यालय की जिले से दूरी, विद्यार्थियों की सुविधा और विश्वविद्यालयों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए परिक्षेत्र का पुनर्निर्धारण करें। इस संबंध में संशोधन के लिए प्रस्ताव तैयार करें। साथ ही विश्वविद्यालय के वर्क लोड की भी समीक्षा की जाए। बैठक में  परंपरागत विश्वविद्यालय में कृषि, जैविक कृषि, हॉर्टिकल्चर एवं अन्य पाठ्यक्रमों को एक विषय के रूप में प्रारंभ करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। विक्रम विश्वविद्यालय में कृषि संकाय प्रारंभ करने संबंधी अध्यादेश स्थाई समिति द्वारा अनुशंसित किया जा चुका है। डॉ. यादव ने इन विषयों के पाठ्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए। 

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि सेवानिवृत्ति संबंधी प्रकरण प्राथमिकता के आधार पर हल किए जाएँ। इसमें आदर्श स्थिति होनी चाहिए। सेवानिवृत्ति के दिन ही कर्मचारियों, प्राध्यापकों के सभी देयक प्रदान किए जाएँ। मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय के पेंशन फण्ड में राशि जमा न करने वाले विश्वविद्यालयों से सख्ती बरतते हुए समय पर राशि जमा करायें। इस वित्त वर्ष में समस्त विश्वविद्यालयों  से स्ववित्तीय आय की 20 प्रतिशत राशि ली जाना है। विभाग विश्वविद्यालयीन पेंशन पर प्रतिमाह साढ़े 4 करोड़ रुपए खर्च कर रहा है।  

डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्वयं के स्त्रोत से आय, यूजीसी अनुदान और राज्य मद से दी जाने वाली राशि के आधार पर वित्तीय स्थिति का आकलन करें। प्रयास किए जाएँ कि विश्वविद्यालय एक सीमा के बाद सहयोग के लिए राज्य पर निर्भर न रहकर स्वयं सक्षम बनें। विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति, अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों पर भी चर्चा हुई। बैठक में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

पेंशन प्रकरण के निराकरण के लिए ऑनलाइन केम्प कल से

महाविद्यालयीन प्राचार्य स्तर पर लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए ऑनलाइन केम्प लगाए जा रहे हैं। जबलपुर, उज्जैन और रीवा संभाग के लिए 10 अगस्त, ग्वालियर, भोपाल संभाग के लिए 11 अगस्त और इंदौर और सागर संभाग के लिए 12 अगस्त को यह केम्प लगाये जाएंगे।