बिना लक्षण वाले कोरोना मरीज कैसे बने हैं हर देश के लिए सिरदर्द, पहचान करना है मुश्किल

How to become a corona patient without symptoms, headache for every country, difficult to identify

बिना लक्षण वाले कोरोना मरीज कैसे बने हैं हर देश के लिए सिरदर्द, पहचान करना है मुश्किल
रिपोर्ट - दुर्गेश नरोटे, छिंदवाड़ा

टेस्टिंग की संख्या बेहद कम, 20 लाख से ज्यादा आबादी वाले जिले में अब तक जाच के लिए भेजे गए महज 434 लोगो के सेम्पल....

जाच के लिए भेजे गए कुल सेम्पलो में भी डॉक्टरो के साथ स्वस्थ विभाग के कर्मी और अन्य स्टाफ सदस्य शामिल....

वही प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 6 हजार के पार हो गई है और अब तक 272 की मौत हो चुकी है.....

छिन्दवाड़ा- कोरोना को लेकर वर्तमान में जिले की स्थिति की बात करे तो अभी यहा फ़िलहाल एक भी पॉजिटिव मरीज नही है।  विगत दिनों जो पॉजिटिव मिले थे वो भी स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके है। किसी व्यक्ति को कोरोना है या नही उसकी पहचान का अगर कोई तरीका है तो वो है लैब से उसके सेम्पल की जाच रिपोट आने के बाद ही यह तय हो सकता है की व्यक्ति को कोरोना है या नही। छिन्दवाड़ा से  टेस्टिंग के लिए जबलपुर लेब तो जा रही है मगर उसकी संख्या बेहद कम है जिले की जनसंख्या और बाहर से आये हुए लोगो की संख्या के हिसाब से टेस्टिंग के आकड़े देखा जाये तो बेहद कम है, जिले की संख्या की अगर हम बात करे तो यह लगभग 20 लाख से ऊपर है वही जिले से अब तक जाच के लिए भेजे गए सेम्पल की संख्या की बात करे तो वो महज 434 है, जिले में रोजाना पांच से सात सेम्पलो की जाच हो रही है देखा जाये तो इसे और बढ़ाये जाने की जरुरत है। फ़िलहाल देखने में आ रहा है की टेस्टिंग उन्ही की हो रही है जिसमे कोरोना से सम्बंधित कोई लक्षण दिखाई दे रहे हो उन्ही को संदिग्ध मानकर जाच की जा रही है इसमें भी ज्यादातर लोग वही है जो बाहर से आये हुए हो स्थानीय लोग तो न के बराबर ही है। कोरोना की बात करे तो विगत दिनों अनेको शहरो में इसकी चपेट में कई ऐसे लोग भी आये है जिनमें कोरोना से सम्बंधित किसी प्रकार के कोई लक्षण दिखाई नही दिए थे मगर जो की रिपोट आने पर कोरोना पॉजिटिव पाये गए। हमारे जिले में विगत दिनों बड़ी संख्या में बाहर अन्य जिलो और राज्यो में फसे लोग वापस घर लौटे है जिनकी संख्या हजारो में है इनमे अलग अलग रेड जोन से आये हुए लोग भी शामिल है। वही बड़ी संख्या में बाहरी मजदुर भी अपने घर की तरफ वापस लौट कर आये है। इस स्थिति में हो सकता है की कई ऐसे भी लोग शामिल होंगे जो अभी पूर्ण रूप से स्वस्थ होंगे उनमे अभी कोरोना का कोई लक्षण नही होगा, हा मगर इसका ये मतलब नही है की उनमे से किसी को भी आगे जाकर कोरोना नही होगा। हो सकता है बाहर से आने वाले लोगो में कुछ ऐसे लोग भी शामिल होंगे जो संक्रमित होंगे मगर उनमे कोई लक्षण सामने दिखाई नही दे रहा होगा ऐसे में इस प्रकार के व्यक्तियो की पहचान कर पाना बड़ा मुश्किल होगा इसका पता लगाने का अगर कोई उपाय है तो वो है बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की कोरोना जाच हो ! भले ही उसमे कोई लक्षण हो अथवा न हो फिर भी उसका सेम्पल लेकर लैब से जाच होनी चाहिए तभी बिना लक्षण वाले संक्रमित व्यक्तियो की पहचान हो सकेगी। विशेष कर रेड जोन से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की कोरोना जाच होनी चाहिए क्योंकि संक्रमण फैलने का सबसे ज्यादा खतरा भी उन्ही लोगो से है जो रेड जोन से लौटे है। स्वस्थ विभाग को घर घर जाकर बाहर से आये हुए और होम कोरेंटाइन वाले प्रत्येक व्यक्ति का सेम्पल लेकर उसे जाच के लिए लैब भेजना चाहिए जितनी ज्यादा टेस्टिंग होगी  कोरोना को फैलने से रोकने में उतनी ही मदद  भी मिलेगी और हमारा जिला भी सुरक्षित  रहेगा अगर कही एक भी संक्रमित व्यक्ति रहा और उसकी पहचान नही हो सकी तो वो एक व्यक्ति भी बड़ी और भारी परेशानी का कारण बन सकता है। एक संक्रमित ही हजारो लोगो को संक्रमित करने के लिए काफी है इसी लिए जिले में कोरोना टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए जिससे प्रशासन को भी कोरोना पीडितो की पहचान में आसानी होगी, अगर कोई व्यक्ति अस्पताल पहुचता है और खुद होकर स्वय की कोरोना जाच कराना चाहता है तो उसकी भी जाच होनी चाहिए।

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