पुलवामा में बनेगा शहीद के घर की मिट्टी से नक्शा, युवाओं में देशभक्ति का जज्बा का दे रहे हैं संदेश - देखे पूरी खबर 84 हजार किलोमीटर के सफर के साथ

A map of the martyr's house will be built in Pulwama, giving the message of patriotism to the youth.

पुलवामा में बनेगा नक्शा, युवाओं में देशभक्ति का जज्बा का दे रहे हैं संदेश

सिवनी - देश पर जान न्यौछावर करने वाले शहीदों का बलिदान यादगार बनाने के मिशन पर निकले हैं महाराष्ट्र के मूल रूप से औरंगाबाद में पैदा हुये उमेश गोपीनाथ जाधव लेकिन वर्तमान में वह बैंगलोर शहर में निवासरत है। उनकी तमन्ना शहीदों के आंगन की मिट्टी से पुलवामा में शहीद स्मारक बनाने की है। उन्ही के बतायेनुसार अब तक देशभर में 84 हजार किलोमीटर का सफर कर 120 शहीदों के घरों तक पहुंचकर उनके आंगन की मिट्टी कलश में जमा कर चुके हैं। इसके लिए वे युवाओं को देशभक्ति का जज्बा पैदा करने का संदेश दे रहे हैं।

जाधव ने बताया कि वर्ष 2019 में कर्मभूमि-जन्मभूमि भारत की मिट्टी का सम्मान बढ़ाने और 'पहले भारतीय मिशन बनाकर शहीदों के आंगन की मिट्टी एकत्रित करने अपनी कार लेकर निकले हैं। उन्होंने अपनी कार में दूसरी छोटी कार जोड़ा है, जिसमें शहीदों की यादें रखी हैं। वे बताते हैं यह मिशन गैर राजनीतिक हैं और उन्होंने किसी से भी कोई स्पोन्सरशिप नहीं ली और ना ही राजनीतिक मिशन हैं। यह सिर्फ सशस्त्र सेना,पैरा मिलेट्री,सीआरपीएफ और पुलिस विभाग के शहीदों को पूरी तरह समर्पित है।

गत दिवस वह मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के छपारा नगर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के फोरलेन के बाईपास पर आचनक उनकी कार खराब हो गई वहाँ से गुजर रहे स्थानीय मीडिया के साथी ने तत्काल  रुक कर उनकी समस्या के बारे में जाना। उन्होंने बताया कि उनकी कार पिछले दो-तीन घंटों से खराब है तब छपारा के मैकेनिक को बुलाकर कार को दिखाया गया किंतु लॉकडाउन के चलते कार के पार्ट्स नही मिलने पर उनकी कार नही सुधर पाई मिस्त्री ने बताया कि इसका सामान नागपुर मिलेगा। आपको बताते हैं कि महाराष्ट्र नागपुर में टोटल सख्त लाक डाउन चल रहा है। ऐसी परिस्थिति में मीडिया के साथी ने छपारा टीआई गौरव चाटे और फोरलेन मेंटेनेंस की मीनाक्षी कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराते हुए उनकी मदद करने के लिए कहा। तत्काल सभी मदद कुछ ही देर में देश को समर्पित नौजवान के पास पहुंच गई और छपारा के मीडिया कर्मियों ने भी अपने स्तर से उन्हें भोजन कराने की व्यवस्था भी की।