निर्माण और उपयोग की अंतिम तारीख लिखना अनिवार्य, आदेश के बावजूद दुकानदारो ने अब तक शुरू नही किया नियमो का पालन

It is mandatory to write the last date of manufacture and use, despite the orders, the shopkeepers have not started following the rules yet

निर्माण और उपयोग की अंतिम तारीख लिखना अनिवार्य, आदेश के बावजूद दुकानदारो ने अब तक शुरू नही किया नियमो का पालन
रिपोर्ट। दुर्गेश नरोटे, छिंदवाड़ा

निर्माण और उपयोग की अंतिम तारीख लिखना अनिवार्य, आदेश के बावजूद दुकानदारो ने अब तक शुरू नही किया नियमो का पालन

छिन्दवाड़ा। खाद्य एवं औषधि प्रसंस्करण विभाग ने एक आदेश जारी कर 1 अक्टूबर से सभी मिठाई की दुकानों में खुली मिठाइयों को बेचने की नई गाइड लाइन जारी कर दी थी । इस गाइड लाइन के तहत अब दुकानदार ज्यादा पुरानी मिठाई नहीं बेच पाएंगे उन्हें मिठाई की ट्रे पर ही निर्माण की तारीख और एक्सपायरी डेट लिखनी होगी। इस नए नियम के निर्देश जिले के सभी दुकानदारों को दे दिए गए हैं, लेकिन ज्यादातर दुकानदारों ने अब तक इन निर्देशों पर अमल करना शुरू नहीं किया है। शहर की कुछ चुनिंदा मिठाई दुकानों को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर दुकानों में आज भी खुली मिठाई बिना निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट के बिक रही है। दुकानदारों ने अब तक मिठाई बेचने के नए नियमों का पालन कराना शुरू ही नहीं किया है। आज भी खुली मिठाई पहले की तरह ही बेची और खरीदी जा रही है। खाद्य विभाग ने भी निर्देश देने के बाद इस बात की तस्दीक नहीं की है कि मिठाई दुकानदारों ने मिठाई की ट्रे पर निर्माण तारीख और एक्सपायरी डेट लिखी है या नहीं।

1 अक्टूबर से करना था पालन, जिले में अब तक शुरू नही हो सका

खाद्य एवं औषधि विभाग से जारी फरमान के अनुसार अब मिठाईयों के कारोबारियों को मिठाई की ट्रे पर ही उसके बनने की तारीख और कब तक उपयोग की जा सकेगी इसकी अवधि लिखनी अनिवार्य होगी। यह नियम पूरे प्रदेश में 1 अक्टूबर से ही लागू हो गया है लेकिन अब तक जिले में इसका पालन शुरू नहीं कराया जा सका है। खाद्य एवं औषधि विभाग ने मिठाई कारोबारियों के लिए निर्देश जारी किए इन निर्देशों के तहत अब दुकानदार ज्यादा दिन पुरानी मिठाईयां ग्राहकों को नहीं बेच पाएंगे। मिठाई दुकानदारों को मिठाई के ट्रे पर ही मिठाई के प्रकार और उसकी कीमत के साथ यह भी लिखना होगा कि यह मिठाई कब बनी है और इसका उपयोग कब तक किया जा सकता है। कोई भी दुकानदार इस नियम का उल्लंघन करता पाया जाएगा तो कार्यवाही होगी।

नियमित जांच को अनदेखा कर रहे अधिकारी 

आपको बता दे की खाद्य विभाग को रोजाना मिठाई की दुकानों की जाच करनी चाहिए, इस दौरान अगर किसी दुकान में नियमो का पालन होता नही दिखाई दे और ट्रे पर मिठाई के बनने और ख़राब होने की तारीख नही लिखी हो तो उक्त दुकान पर सख्ती के साथ कार्यवाही करनी चाहिए, जब तक विभाग सख्ती नही दिखायेगा पालन सम्भव नही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा ध्यान देने की जरुरत, कई दिनों तक बेचते हैं मिठाई

ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और खराब है। यहां बिक्री कम होने के कारण मिठाई बनाने और बेचने वाले कई दिनों की मिठाई भी बेच देते हैं। जिससे फ़ूड पायजिनिंग के भी आसार बने रहते है  यह हाल दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा है जहां अधिकारियों की पहुंच नहीं है। हालांकि अब तक तो शहरी दुकानदार भी बिना एक्सपायरी लिखे मिठाइयां बेच रहे हैं। शहर के साथ साथ ग्रामीण इलाको में ज्यादा ध्यान दिए जाने की जरुरत है।

जिले में करीब छोटी बड़ी 500 दुकाने

हम बात करे तो जिले भर में छोटी बड़ी सभी को मिलाकर 500 के लगभग मिठाई की दुकाने संचालित हो रही है, सभी दुकानों पर नियमो का सही से पालन हो सके इसकी जिम्मेदारी खाद्य विभाग की है, वर्तमान में नए आदेश जारी हुए एक सप्ताह बीतने को है मगर जिले में कही भी खाद्य विभाग का अमला सक्रीय नजर नही आ रहा है।

ग्राहकों को दिखानी होगी जागरूकता

नियमो का सही से पालन हो इसके लिए आम जनता को भी जागरूकता दिखानी होगी, लोगो को उसी दुकान से मिठाई खरीदनी चाहिए जो ट्रे पर मिठाई बनने की तारीख से लेकर इसके इस्तमाल की अवधि लिखे और जो दुकानदार इसका पालन नही कर रहा है उस दुकान से मिठाई लेने से बचना चहिये, अगर ग्राहक स्वयम जागरूकता दिखायेगा तो दुकान संचालक को नियमो का पालन करने मजबूर होना पड़ेगा।

क्या कहते है अधिकारी 
मिठाई की उपयोगिता स्पष्ट करने के निर्देश की सुचना दुकानदारों को दी गई है इसके बाद भी कुछ लोगो ने इसका पालन किया है।  जो नहीं करेंगे उनके खिलाफ सख्त करवाई की जाएगी 
गोपेश मिश्रा खाद्य सुरक्षा अधिकारी, छिंदवाड़ा