कॉलोनियों और गली-मोहल्लो में नही हो रहा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाये जाने की आवश्यकता
In the colonies and streets, social distancing is not being followed, police patrolling needs to be increased.
कॉलोनियों और गली-मोहल्लो में नही हो रहा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाये जाने की आवश्यकता....
छिन्दवाड़ा - इन दिनों COVID -19 कोरोना वायरस के चलते पूरा देश लॉक डाउन है। प्रशासन द्वारा सभी लोगो को अपने अपने घरो के अंदर ही रहने की सलाह दी जा रही है। विशेष कर लोगो से शोशल डिस्टेंसिंग का अवश्य रूप से पालन करने की अपील की जा रही है। कोरोना वायरस से बचाव का एक मात्र इलाज है तो वो है शोशल डिस्टेंसिंग इसका पालन सही तरिके से हो उसके लिए प्रशासन द्वारा दवाई की दुकानों के साथ सभी भीड़ भाड़ वाली जगहों पर एक निश्चित दुरी पर मार्किंग कर गोला भी बनाया जा रहा है ताकि इसका सही से पालन हो सके। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाये जा रहे है। मगर उसके बावजूद कई जगह अब भी आमजन लापरवाही बरत रहे है, विशेष कर शोशल डिस्टेंसिंग को लेकर। शहर के मुख़्य मार्गो और भीड़ भाड़ वाली जगहों पर तो बड़ी संख्या में पुलिस तैनात है, तिराहों चौराहो पर जगह जगह चेक पॉइंट बनाये गए है इन जगहों पर तो पुलिस की मौजूदगी और सख्ती की वजह से लोग सभी नियमो का पालन कर रहे है। मगर हम बात करे शहर के अंदरुनी क्षेत्र की तो यहा लापरवाही साफ देखी जा सकती है, गली मोहल्ले में सुबह शाम मॉर्निग और इवनिंग वॉक के नाम पर अब भी बड़ी संख्या में लोग एक जगह एकत्रित हो रहे है, लोग कॉलोनियों में बिना मास्क के एक जगह जमा होकर आपस में गप्पे लड़ाते हुए देखे जा सकते है। शहर के ज्यादातर गली मोहल्लों और रहवासी इलाको में ये नजारे आम हो चले है। इस दौरान लोग न तो मास्क लगा रहे है और न तो शोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे है। ज्ञात हो की इस वक्त पुरे जिले में धारा 144 लागु है और चार से ज्यादा व्यक्ति एक साथ एक जगह पर इकट्टा नही हो सकते, लोगो के घरो से बाहर निकलने पर पूर्ण प्रतिबन्ध है। मगर उसके बावजूद लोग बिना किसी डर के घरो से निकलकर लॉक डाउन को तोड़ते हुए इसका उलंघन करते दिखाई पड़ रहे है। इसका सबसे बड़ा कारण है की शहर के अंदरुनी इलाको में पुलिस की पेट्रोलिंग ना के बराबर है, शहर के मुख़्य मार्गो में तो पुलिस नजर आ रही है मगर गली मोहल्ले में कही भी पुलिस की मौजूदगी दिखाई नही देती। इस वक्त कोरोना संक्रमण का सबसे नाजुक दौर चल रहा है, लेकिन गली मोहल्लों में अब भी लोग इस महामारी को लेकर जरा भी गम्भीर नही है। सुबह शाम लोगो का हुजूम देखा जा सकता है। पुलिस की बार बार अपील के बाद भी लोग मान्ने को तैयार नही है। घरो से बाहर निकलकर लोग अपने पुरे परिवार को खतरे में डाल रहे है। कही से भी यह संक्रमण किसी एक व्यक्ति को भी आया तो उसका परिवार, मोहल्ला और पूरा शहर इस लापरवाही से संक्रमित हो सकता है।
शहर के अंदरुनी इलाको में लगातार सायरन की आवाज के साथ पुलिस पेट्रोलिंग की आवश्यकता
विशेष रूप से पुलिस को की सुबह और शाम के समय शहर के अंदरुनी, कॉलोनी वाले इलाको में लगातार सायरन की आवाज के साथ पुलिस पेट्रोलिंग और गस्त बढ़ाये जाने की जरुरत है, हर आधे आधे घण्टे में गली मोहल्लों में पुलिस वाहनों से अलाउंसमेंट के माध्यम से लोगो से घरो के अंदर ही रहने की अपील होनी चाहिए, और इसके बावजूद भी अगर लोग नही मानते है तो ऐसे लोगो पर सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।



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