तबादला नीति-2021:किसी भी कर्मचारी का तबादला एक साल में दो बार नहीं कर सकेंगे जिलों के प्रभारी मंत्री - देखे तबादला नीति
Transfer policy-2021: No employee will be transferred twice in a year, Minister in-charge of districts - see transfer policy
तबादला नीति-2021:किसी भी कर्मचारी का तबादला एक साल में दो बार नहीं कर सकेंगे जिलों के प्रभारी मंत्री - देखे तबादला नीति
भोपाल। मध्यप्रदेश में पूर्व में कमलनाथ सरकार ने जो महज 15 महीनो में जो तबादले का रिकॉर्ड बनाया उसे कोई भी अधिकारी कर्मचारी भुला नहीं पाया है सतरंज के मोहरो की तरह ताबड़तोड़ तबादले हुए थे इसलिए आमजनता भी तबादले की सरकार कहने लगी थी, खैर ये तो अपने अपने तरीके होते हे सरकार चलाने के। परन्तु महज 15 महीने में पुनः प्रदेश में लौटी शिवराज सरकार ने प्रदेश के कई जिले में लगातार बैठक लेके जिला अध्यक्षों एवं मंत्रियो को साफ तौर पर निर्देश दिए थे की सभी तबादलों के चक्कर में ना आये उसके लिए शासन द्वारा नीति तैयार की जाएगी। उसी तारतम्य में मध्य प्रदेश में नई तबादला नीति 2021 तैयार की जा चुकी है। जिसे कुछ दिनों में कैबिनेट में रखा जाएगा। वही तबादला नीति में कुछ अहम बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा कुछ विभागों को अलग से तबादला नीति तैयार करने की भी छूट दी जाएगी। साथ ही मंत्रियों को जिले का प्रभार जल्द ही सौंपा जाएगा।
दरअसल प्रदेश में सरकारी तबादलों पर लगा प्रतिबंध एक अप्रैल से एक महीने के लिए हटने जा रहा है। ये तबादले नई तबादला नीति 2021 के तहत होंगे, जो तैयार हो चुकी है और अगले कुछ दिन में कैबिनेट के समक्ष आएगी। नीति में दो अहम बदलाव किए गए हैं। पहला- जिन अधिकारियों, शिक्षकों अथवा कर्मचारियों के ट्रांसफर मार्च 2020 से मार्च 2021 के बीच हुए हैं, जिले के प्रभारी मंत्री दोबारा उनके तबादले सीधे नहीं कर पाएंगे।
तबादला नीति में पहले बदलाव यह है कि अगर किसी क्लास वन ऑफिसर का तबादला किसी द्वेष भावना, जानबूझकर किया जाता है तो अधिकारी इस मामले की शिकायत मुख्य सचिव से लेकर मुख्यमंत्री तक कर सकेंगे और उनके इस मामले का निराकरण वहीं पर सीएम द्वारा किया जाएगा। हालांकि यह नियम अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों
वहीं जिन भी कर्मचारियों के तबादले मार्च 2020 से मार्च 2021 के बीच हुए हैं। जिले के प्रभारी मंत्री द्वारा उनका तबादला अब सीधे तौर पर नहीं किया जा सकेगा। ऐसे अधिकारी कर्मचारियों के तबादले करने के लिए अब जिले के प्रभारी मंत्री को मुख्यमंत्री की स्वीकृति लेनी होगी। वही सीएम की स्वीकृति के बाद ही अधिकारी कर्मचारी का तबादला किया जाएगा।
इसके अलावा नई तबादला नीति 2021 में पुलिस व वन विभाग को शामिल किया गया है। पर डिप्टी एसपी के नीचे के तबादले पुलिस स्थापना बोर्ड द्वारा किया जाएगा और इसके लिए मंत्री के अनुमोदन जारी किए जाएंगे। वहीं डिप्टी एसपी और उसके सीनियर अफसरों की फाइल प्रभारी मंत्री की मंजूरी के बाद ही मुख्य सचिव या मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी।
इसके अलावा नई नीति के तहत कोरोना से गंभीर बीमार हुए सरकारी कर्मी को तबादले में छूट दी जा सकती है। हालांकि अभी यह नियम कुछ बीमारी पर लागू है। जिसके बाद यह छूट सिर्फ नियमित जांच कराने वाले कर्मियों को ही मिलती है अब इस पर सरकार नई नीति बना रही है।
वहीं नई नीति के तहत शिक्षा विभाग को तबादला नीति 2021 से बाहर रखा जाएगा। माना जा रहा है कि कुछ प्रावधानों के साथ स्कूल शिक्षा बोर्ड और उच्च शिक्षा विभाग को सरकार अलग तबादला नीति जारी करने के निर्देश दे सकती है।
वहीं सूत्रों की माने तो तबादला नीति को कैबिनेट में पेश किए जाने के बाद ही मंत्रियों को जिले का प्रभार सौंप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सीएम बजट सत्र के बाद संगठन से चर्चा कर मंत्रियों को प्रभार बांट सकते हैं। बता दें कि मंत्रियों को जिले का प्रभार पिछले 8 महीने से अटका हुआ है। जिस पर अब जल्द ही निर्णय लिया जा सकता है।


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