मास्क व सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु घोषित करने के बाद भी कालाबाजारी

Even after declaring masks and sanitizers as essential items, black marketing - masks and sanitizers are being sold in drug stores at twice the price

मास्क व सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु घोषित करने के बाद भी कालाबाजारी
रिपोर्ट - दीपक कोल्हे, एडिटर

मास्क व सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु घोषित करने के बाद भी  कालाबाजारी - दवा दुकानों में दो गुने दामों पर बेचे जा रहे हैं मास्क व सैनिटाइजर

 

- कोरोना के कारण चीन पूरे देश मे मास्क बटवा रहा है
- अमेरिका ने गली चौराहों पर हैंड वॉशर, sanetizer लगा रखे है।
- जापान में फ्री में सेफ्टी किट घर घर पहुचाई जा रही है।
- इटली में हज़ारों हॉस्पिटल दिन रात एक कर रहे है।

मध्यप्रदेश  -  कोरोना वाइरस को लेकर जारी भयंकर महामारी के बीच डॉक्टर से लेकर विशेषज्ञ तक सभी लोगों को सलाह दे रहे हैं कि चेहरे पर मास्क और हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें। परंतु, लोग जब दवा की दुकानों पर जा रहे हैं तो मास्क से लेकर सैनिटाइजर नहीं मिल रहे हैं और लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा। दुकान में कुछ दिन पहले तक खूब सैनिटाइजर मिल रहा था वो भी एमआरपी रेट पर । परंतु, अब नदारद है।

प्रदेश के कई इलाको और अस्पताल के निकट विभिन्न दवा दुकानों में जाने पर भी कहीं सैनिटाइजर नहीं मिला। दुकानदारों का कहना है कि दो दिन पहले तक सैनिटाइजर उपलब्ध था लेकिन अब नहीं मिल रहा है। कुछ समय पहले, मास्क समस्या बन गया था। एन -95 मास्क की तो बात ही नहीं करें सामान्य मास्क भी नहीं मिल रहे हैं।

कुछ दुकानों में मास्क हैं लेकिन उसकी कीमत दोगुनी से अधिक वसूली जा रही है। वही कुछ शहरो में  इनफोर्समेंट ब्रांच के अधिकारियों ने महानगर के मेडिकल कॉलेज के निकट स्थित विभिन्न दुकानों में छापेमारी की और मास्क की कीमत जानना चाहा तो पता चला कि सामान्य मास्क की कीमत कई गुना अधिक वसूली जा रही है। भले ही वह मास्का कोरोना वायरस से बचाव में उपयुक्त हो या नहीं है, लेकिन कीमत अधिक है।

आपको बता दे  कि केंद्र सरकार ने मास्क और हैंड सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत अधिसूचित कर दिया है। एमआरपी से ज्यादा कीमत लेने पर अपराध घोषित किया गया है। बावजूद इसके मास्क व सैनिटाइजर की खूब कालाबाजारी हो रही है। अब देखना है की मध्य प्रदेश में इस खबर का क्या असर पड़ता है