केंद्र सरकार का मध्य प्रदेश को तोहफा, 475 करोड़ रुपये स्वीकृत!, इन जिलों को लाभ

With the construction of these routes, Mahakaushal zone will be directly connected to North-South Corridor (Gwalior-Jhansi-Sagar-Nagpur) and Varanasi-Rewa-Nagpur NH 44.

केंद्र सरकार का मध्य प्रदेश को तोहफा, 475 करोड़ रुपये स्वीकृत!, इन जिलों को लाभ
रिपोर्ट। एडिटर। दीपक कोल्हे

केंद्र सरकार का मध्य प्रदेश को तोहफा, 475 करोड़ रुपये स्वीकृत!, इन जिलों को लाभ

इन मार्गो के निर्माण से महाकौशल अंचल नोर्थ-साऊथ कोरिडोर (ग्वालियर-झाँसी-सागर-नागपुर) तथा वाराणसी-रीवा-नागपुर एनएच 44 से सीधा जुड़ सकेगा।

भोपाल । केन्द्र की मोदी सरकार ने मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार  को नया साल 2022 का तोहफा दिया है। केंद्र सरकार ने महाकौशल अंचल में 475 करोड़ रूपये की लागत से 112 कि.मी. राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृति प्रदान की है । इसके लिए शिवराज कैबिनेट में लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने आभार जताया है।

लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने बताया कि केन्द्र सरकार ने 475 करोड़ रूपये की लागत वाले 112 कि.मी. लम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग की स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्ग 45 पर डिडौंरी से अमरकंटक तक 329 करोड़ रूपये की लागत से 77 कि.मी. तथा कुडंम से शाहपुरा तक 146 करोड़ रूपये की लागत से साढ़े 32 कि.मी. मार्ग को टू-लेन करने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है।  इन महत्वांकाक्षी सड़क मार्गों की स्वीकृति के लिए केन्द्र सरकार के प्रति आभार ज्ञापित किया है।

मंत्री भार्गव ने कहा कि महाकौशल अंचल में बनाये जाने वाले इन मार्गों के निर्माण से अंचल के आर्थिक और सामाजिक विकास के नये आयाम स्थापित होंगे।  इन दोनों राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और उन्नयन के लिए शत-प्रतिशत राशि भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। मार्गों का निर्माण मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग की राजमार्ग इकाई द्वारा किया जाएगा।

मंत्री भार्गव ने कहा कि इन मार्गो के निर्माण से महाकौशल अंचल नोर्थ-साऊथ कोरिडोर (ग्वालियर-झाँसी-सागर-नागपुर) तथा वाराणसी-रीवा-नागपुर एनएच 44 (NH-44) से सीधा जुड़ सकेगा। इसका लाभ अंचल के आदिवासी बहुल जिलों को प्राथमिकता से मिलगा।  मध्यप्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण परियोजना नर्मदा एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित प्रोजेक्ट को भी बल मिलेगा। अंचल के वर्ल्ड हेरीटेज भेड़ाघाट नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक इस मार्ग से जुड़ेंगे। परिणामस्वरूप अंचल में पर्यटन और व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही मध्यप्रदेश- छत्तीसगढ़ के बीच जबलपुर-रायपुर और विशाखापट्नम तक व्यापारिक कोरिडोर भी विकसित हो सकेगा।