गांधी जी के संदेश को देश ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व में प्रसारित करना वर्तमान की आवश्यकता है- म�

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गांधी जी के संदेश को देश ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व में प्रसारित करना वर्तमान की आवश्यकता है- म�

गांधी जी के संदेश को देश ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व में प्रसारित करना वर्तमान की आवश्यकता है- मुख्यमंत्री श्री नाथ

मुख्यमंत्री श्री नाथ द्वारा महात्मा गांधी के प्रथम नगर आगमन के सभा स्थल के सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण

*छिन्दवाडा* - प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए गांधीवादी विचार ही वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा को फलीभूत कर रहे हैं। जय जगत यात्रा में नई युवा पीढ़ी का जुड़ाव यह इंगित करता है कि गांधी जी के संदेश को देश ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व में प्रसारित करना वर्तमान की आवश्यकता है। जय जगत यात्रा में शामिल हुए विदेशी पदयात्री इसका अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। उनका यह त्याग नई पीढ़ी को सीख प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री श्री नाथ आज गांधी गंज छिंदवाड़ा में गांधी प्रवास शताब्दी शुभारंभ समारोह के अंतर्गत महात्मा गांधी के प्रथम नगर आगमन के सभा स्थल के सौंदर्यीकरण कार्य के लोकार्पण और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि महात्मा गांधी 6 जनवरी 1921 को अली बंधुओं के साथ पहली बार छिंदवाड़ा आए थे। दोपहर में ग्रामीण महिलाओं की एक सभा को संबोधित करने के बाद शाम को उन्होंने गांधीगंज, जो उस समय चिटनवीसगंज के नाम से जाना जाता था, में आम सभा को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने देश भक्ति की व्याख्या की, स्वदेशी और एकता का महत्व बताया और स्वराज प्राप्ति का उद्देश्य स्पष्ट किया। उनके प्रथम बार छिंदवाड़ा आगमन के बाद इस स्थल का नाम गांधीगंज पडा। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नाथ स्थानीय कलाकारों द्वारा आयोजित भजन संध्या में भी शामिल हुए। कार्यक्रम में गांधी जी के संदेश को पूरे विश्व में फैलाने के लिए प्रख्यात गांधीवादी चिंतक श्री पी.व्ही. राजगोपाल के नेतृत्व में निकले जय जगत यात्रा के यात्रीगण विशिष्ट रूप से उपस्थित थे।  

      मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अफ्रीका प्रवास के दौरान उनकी मुलाकात एक देश के राष्ट्रपति से हुई । उनके कक्ष में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की भी प्रतिमा लगी हुई थी। महात्मा गांधी जी की प्रतिमा का लगा होना यह बताता है कि गांधीजी को भारत हीं नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व आदर्श के रूप में मानता है। उन्होंने कहा कि जय जगत यात्रा का छिंदवाड़ा में आगमन होना भारतीय संस्कृति की इस नगरी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि गांधी जी 150वीं शताब्दी पर हम सभी एकत्रित हुये है तथा गांधी जी के संदेश की आज विश्व को ज्यादा जरूरत है । यह संदेश हमें सही दिशा में आगे ले जाने के साथ ही संपूर्ण विश्व को सुरक्षित रख सकता है। युवाओं के लिये गांधी जी का संदेश वर्तमान में और अधिक प्रासंगिक है । उन्होंने जय जगत यात्रा का जिले में 4 जनवरी को आगमन होने और गांधी जी के संदेश को संपूर्ण विश्व तक फैलाने के लिये निकाली गई जय जगत यात्रा का नेतृत्व कर रहे श्री राजगोपाल एवं उनके गांधीवादी चिंतक पदयात्रियों का स्वागत कर मुक्त कंठ से उनकी प्रशंसा की। 

         कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रख्यात गांधीवादी चिंतक श्री राजगोपाल ने कहा कि यात्रा को अपनी बुलंदियों पर पहुंचाने के लिए सभी साथियों का सहयोग रहा है। यात्रा के दौरान बच्चे, महिलाओं, युवा, बुजुर्गों का स्नेह प्राप्त हुआ, जिससे यात्रा सफलता पूर्वक तय की जा रही है। प्रदेश में सत्य और अहिंसा के आदर्शों के समावेश के लिये छिंदवाड़ा जिला सबसे बेहतर मॉडल बन सकता है। जल पर्यटन के साथ-साथ अब प्रदेश में शांति पर्यटन के लिए प्रदेश उपयुक्त प्रतीत होता है। इस अवधारणा को मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के नेतृत्व में साकार किया जा सकता है।  यात्रा के सहयात्रियों ने यात्रा का उद्देश्य बताते हुए जानकारी दी कि जय जगत यात्रा की शुरूआत 2 अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की समाधि राजघाट, दिल्ली से शुरू हुई है। राजघाट में प्रार्थना कर और वहाँ की पावन मिट्टी को कलश में आशीर्वाद स्वरूप लेकर भारत के अलग-अलग राज्यों और 15 अन्य देशों से 50 पदयात्री 365 दिन की पदयात्रा कर 10 देशों से होते हुए इस यात्रा का समापन 30 जनवरी को सेवा ग्राम वर्धा में होगा। इसके बाद यह यात्रा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रारंभ होगी और 2 अक्टूबर 2020 को स्विट्जरलैंड, जिनेवा पहुँचेगी । महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी के 150वी जन्म शताब्दी वर्ष में यह यात्रा अहिंसा और न्याय के साथ-साथ गरीबी उन्मूलन, जलवायु संकट, असमानता हटाओ और युध्दरहित दुनिया के ध्येय के साथ चार मुद्दों को लेकर 2020 अक्टूबर में संयुक्त राष्ट्र से संवाद करेगी। यात्रा में अंतरराष्ट्रीय पदयात्रियों में फ्रांस की सबसे कम उम्र की पदयात्री क्लेयर, फ्रांस से लैहौंज़, इज़ालिन, बैरोनिक स्पेन से डॉ.काबियर, न्यूज़ीलैंड से बेन, केन्या से सिडनी, स्विटजरलैंड से मिशेल आदि शामिल हैं। वहीं राष्ट्रीय पदयात्रियों में एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रणसिंह परमार, राजस्थान से जयसिंह जादौन, छत्तीसगढ़ से सीताराम स्वामी, मुरली दास पंत व निर्मला, झारखण्ड से चुन्नूलाल सोरेन, महाराष्ट्र से योगेश माथुरिया, जालंधर पश्चिम बंगाल से देबाशीष, बुन्देलखण्ड से संतोष सिंह, मध्यप्रदेश से सरस्वती उइके, शोभा तिवारी, कस्तूरी पटेल व कैलाश श्रीवास्तव, उत्तरप्रदेश से आशिमा बिश्नोई, भिण्ड से नीरू दिवाकर, बैंगलोर से रिया रेचल साइमन, केरल से अजित व बेंजी, छिंदवाड़ा से मुदित श्रीवास्तव, भोपाल से खुशबू चौरसिया, शाहबाज़ ख़ान व सतीश राज आचार्य, तमिलनाडु से श्रुति नायडू, गुजरात से पार्थ पटेल एवं बिहार से सन्नी कुमार पूरे एक साल के लिए पदयात्रा में शामिल हैं।   

 


दीपक कोल्हे, छिंदवाड़ा