मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों ने बिना किसी भय और आशंका के लगवाये टीके
On the first day, 170 field health workers and doctors of the Health Department were vaccinated at three vaccination centers.
मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों ने बिना किसी भय और आशंका के लगवाये टीके
- जिले में हुआ कोविड-19 टीकाकरण अभियान का शुभारंभ
- पहले दिन तीन टीकाकरण केन्द्रों पर स्वास्थ्य विभाग के 170 मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता और चिकित्सक हुये टीकाकृत
छिन्दवाड़ा। देश और प्रदेश के साथ ही आज जिले में भी कोविड-19 टीकाकारण अभियान का शुभारंभ हुआ। कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन के मार्गदर्शन और प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सुशील राठी के निर्देशन में आज जिले में तीन टीकाकरण केन्द्रों जिला चिकित्सालय के ट्रामा सेंटर, छिन्दवाड़ा मेडिकल कॉलेज और हर्रई के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर स्वास्थ्य विभाग के 170 मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और चिकित्सकों को टीकाकृत किया गया । वेबकास्ट के माध्यम से प्रसारित प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कोविङ-19 टीकाकरण से सबंधित लाईव प्रसारण के पश्चात टीकाकरण का कार्य प्रारंभ हुआ । आज जिले में कोविड-19 टीके के 170 लाभार्थियों को टीकाकरण के बाद किसी भी प्रकार की कोई भी परेशानी नहीं हुई और न ही किसी प्रकार के प्रतिकूल प्रभाव की जानकारी प्राप्त हुई । स्वास्थ्य विभाग के मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और चिकित्सकों ने बिना किसी भय और आशंका के कोविड-19 के टीके लगवाये ।
जिला चिकित्सालय के ट्रामा सेंटर में कलेक्टर श्री सुमन, पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गजेन्द्र सिंह नागेश, एस.डी.एम. अतुल सिंह, प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.राठी, मेडिकल कॉलेज के डीन. डॉ.गिरीश रामटेके, सिविल सर्जन डॉ.श्रीमती पी.गोगिया और विवेक साहू बंटी की उपस्थिति में मां सरस्वती के पूजन से कोविड-19 टीकाकरण अभियान का औपचारिक शुभारंभ होने के बाद कोविड-19 का सबसे पहला टीका डॉ.कृति शर्मा पति डॉ.बसत शर्मा ने लगवाया। डॉ. शर्मा जिला चिकित्सालय के प्रसूति विभाग में पदस्थ हैं और जिला चिकित्सालय में वर्ष 2001 से अपनी सेवायें प्रदान कर रही हैं। दूसरा टीका जिला चिकित्सालय के दन्त चिकित्सक डॉ.रत्नेश बग्गा ने लगवाया जो जिला अस्पताल में बीडीएस चिकित्सक के रूप में 1999 से अपनी सेवायें प्रदान कर रहे हैं ।
मेडिकल कॉलेज के टीकाकरण केन्द्र में पहला टीका आया श्रीमती भूरी बाई कनौजिया और दूसरा टीका जिला चिकित्सालय के खण्ड विस्तार प्रशिक्षक भुजंगराव देशमुख द्वारा लगवाया गया। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हर्रई के टीकाकरण केन्द्र में पहला टीका सफाईकर्मी धर्मेन्द्र बमनेले और दूसरा टीका खण्ड चिकित्सा अधिकारी हर्रई डॉ.पीयूष शर्मा ने लगवाया।
चिकित्सालय के ट्रामा सेंटर में 55, छिन्दवाड़ा मेडिकल कॉलेज में 48 और हर्रई के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में 67 मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और चिकित्सकों को टीकाकृत किया गया । उन्होंने बताया कि कोविड-19 से टीकाकृत अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा टीकाकरण के पश्चात अपने अनुभव को साझा करते हुये बताया कि टीकाकरण के बाद उनके शरीर पर किसी भी प्रकार का कोई भी प्रतिकूल प्रभाव उन्हें प्रतीत नहीं हुआ और किसी भी प्रकार की कोई परेशानी महसूस नहीं हुई है। अन्य सामान्य टीके की तरह यह भी एक टीका है और इसमें किसी तरह का भय और आशंका की आवश्यकता नहीं है। यह टीका पूरी तरह से असरदार और हानिरहित है तथा इस टीके से डरने की आवश्यकता नहीं है। कोई भी व्यक्ति बिना किसी भय और आशंका के इस टीके कों लगवाकर अपने आपको और दूसरे लोगों को सुरक्षित रख सकता है।


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