भारतीय लोकतंत्र का खूबसूरत पहलू, एक और मुख्यमंत्री चुनाव हार गई और  मजदूरी करने वाली महिला चुनाव जीत गयी

Beautiful aspect of Indian democracy, another chief minister lost the election and the wage-earning woman won the election

भारतीय लोकतंत्र का खूबसूरत पहलू, एक और मुख्यमंत्री चुनाव हार गई और  मजदूरी करने वाली महिला चुनाव जीत गयी
रिपोर्ट। दीपक कोल्हे, एडिटर

भारतीय लोकतंत्र का खूबसूरत पहलू, एक और मुख्यमंत्री चुनाव हार गई और  मजदूरी करने वाली महिला चुनाव जीत गयी

कोलकाता। डेस्क रिपोर्ट ।  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में किस्मत आजमा रहे सबसे निर्धन उम्मीदवारों में से एक चंदना बाउरी थीं। बीजेपी ने उन्हें सल्तोरा से मैदान में उतारा था। तृणमूल कॉन्ग्रेस के शानदार प्रदर्शन के बीच वह जीत हासिल करने में कामयाब रहीं हैं। 30 साल की चंदना एक दिहाड़ी मजदूर की पत्नी और तीन बच्चों की माँ हैं।

बांकुरा जिले की सल्तोरा विधानसभा सीट पर चंदना बाउरी ने तृणमूल कॉन्ग्रेस के प्रत्याशी संतोष कुमार मण्डल को 4,145 मतों से हराया है। बीजेपी का टिकट मिलने के बाद एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उन्हें इसका बिल्कुल अंदाजा नहीं था। बीजेपी की सूची में नाम आने के बाद स्थानीय नेतृत्व ने उन्हें उम्मीदवारी की सूचना दी थी।  

कौन हैं चंदना बाउरी :

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की एक ऐसी उम्मीदवार जिसकी हकीकत शायद मौजूदा राजनीति से मेल नहीं खाती है. क्योंकि अगर कोई आपको कहे कि मेरे पास तीन बकरियां तीन गाय हैं, जिनमें से एक गाय माता पिता ने उपहार में दी है. एक मिट्टी का घर है. घर में सप्लाई वाटर की सुविधा नहीं है नल नहीं हैं यहां तक की शौचालय तक नहीं है.

सालतोरा विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी की उम्मीदवार चंदना बाउरी के पास बस इतनी ही संपत्ति है. नकदी के नाम पर 31 रुपये, 985 रुपये नकद और बैंक में जमा हैं . यही वजह है कि पश्चिम बंगाल चुनाव में बांकुड़ा जिले के सालतोरा सीट की उम्मीदवार चंदना बाउरी सबसे गरीब उम्मीदवारों में से एक थी