बाघ की खाल के साथ 8 गिरफ्तार, पकड़े गए आरोपियों में पुलिसकर्मी और स्वास्थ्यकर्मी शामिल

8 arrested with tiger skin, arrested include policemen and health workers

बाघ की खाल के साथ 8 गिरफ्तार, पकड़े गए आरोपियों में पुलिसकर्मी और स्वास्थ्यकर्मी शामिल
रिपोर्ट। ब्यूरो रवि शिवहरे, छत्तीसगढ़

बाघ की खाल के साथ 8 गिरफ्तार, पकड़े गए आरोपियों में पुलिसकर्मी और स्वास्थ्यकर्मी शामिल

छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में वन विभाग और बस्तर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर वन्य जीव तस्करों के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार तड़के 5 पुलिसकर्मियों सहित 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि दो ASI फरार बताए जा रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों से बाघ की एक खाल बरामद हुई है। फिलहाल पुलिस इस संबंध में शाम तक खुलासा कर सकती है।

जानकारी के मुताबिक, वन्य जीव तस्करी की सूचना पर CCF मोहम्मद शाहिद और बस्तर IG ने गुरुवार देर रात संयुक्त रूप से ऑपरेशन लान्च किया था। वन विभाग के अफसरों को बचेली से टिप मिली थी कि कुछ वन्य जीव तस्कर गाड़ियों में जा रहे हैं। इसके बाद पुलिस के साथ मिलकर गाड़ियों का पीछा किया गया। पुलिस और वन विभाग की टीम ने आरोपियों को दंतेश्वरी मंदिर के पास घेर लिया।

इस दौरान दो आरोपी गाड़ी छोड़कर भाग निकले। उस गाड़ी से बाघ की एक खाल बरामद हुई है। बताया जा रहा है कि उस गाड़ी में ASI संतोष बघेल और रमेश अंगनपल्ली भी सवार थे। दोनों बीजापुर स्थित पुलिस लाइन में पदस्थ हैं। फिलहाल पुलिस उनकी तलाश कर रही है। वहीं पुलिस ने 8 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी बीजापुर से खाल लेकर जा रहे थे।

पकड़े गए आरोपियों में पुलिसकर्मी दंतेवाड़ा निवासी हरप्रसाद गावड़े व सुरेंद्र कुमार देवांगन, बीजापुर निवासी बाबूलाल मज्जी व अरुण मोडियम और जगदलपुर निवासी भोजराम ठाकुर, स्वास्थ्य कर्मी बीजापुर निवासी पवन कुमार नक्का व राकेश ऐमला और एक बीजापुर निवासी अनिल नक्का शामिल है।

वहीं शुरुआती पूछताछ में पकड़े गए आरोपी पुलिसकर्मियों ने बताया कि वह अफसर के कहने पर आए थे। उनको लगा कि कहीं कार्रवाई पर जा रहे हैं। उनसे कहा गया था कि कुछ काम है। सीनियर होने के चलते कारण नहीं पूछा। खाल के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वह दूसरी गाड़ी में थी। हालांकि स्वास्थ्यकर्मी अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार के पूर्व वन मंत्री महेश गागरा ने कहा कि वर्तमान सरकार वन संपदा और वन जीवो का तस्करी रोक पाने में पूरी तरह से नाकाम है, जिसके चलते बस्तर तस्करों का द्वीप बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार मे वन्यजीवों का अवैध शिकार, तस्करी जारी है। जिस तरह से पुलिस के जवान तस्करी में शामिल हैं, इससे लगता कि एक संगठित गिरोह क्षेत्र में सक्रिय है और पुलिस केवल दिखावें के नाम पर कार्रवाई कर रही है। महेश गागड़ा ने कहा कि तस्करी से कुछ कांग्रेस के नेताओं के तार जुड़े हुए हैं जिन्हें बचाने की कोशिश प्रदेश की कांग्रेस सरकार कर रही है।