6 जुलाई से अब हर घर में बजेगी घंटी, स्कूल शिक्षा विभाग ने लिया यह महत्वपूर्ण फैसला

From July 6, every bell will now ring, school education department has taken this important decision

6 जुलाई से अब हर घर में बजेगी घंटी, स्कूल शिक्षा विभाग ने लिया यह महत्वपूर्ण फैसला
रिपोर्ट - ब्यूरो CTN भारत, भोपाल

6 जुलाई से अब हर घर में बजेगी घंटी, स्कूल शिक्षा विभाग ने लिया यह महत्वपूर्ण फैसला.....

मध्यप्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य शासन ने प्रदेश के सभी स्कूलों को जुलाई तक बंद रखने का निर्णय लिया है। जिसके बाद बच्चों के पढ़ाई एवं सीखने की ललक को बनाए रखने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत अब राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश में स्कूली बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम 'हमारा घर हमारा विद्यालय' कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। बता दें कि इससे पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने कई कार्यक्रम बच्चों के लिए शुरू किए हैं जिसमें व्हाट्सएप के माध्यम से डिजिटल लर्निंग, वीडियो के माध्यम से वीडियो स्कूल, दूरदर्शन मध्य प्रदेश पर क्लासरूम का प्रसारण आदि किया जाता रहा है।
'हमारा घर-हमारा विद्यालय'' कार्यक्रम के संबंध में एक विशेष रेडियो प्रसारण 4 जुलाई, 2020 को आकाशवाणी के सभी प्राथमिक प्रसारण केन्द्रों से प्रसारित किया जायेगा। कार्यक्रम अपरान्ह 12 से 12.30 बजे तक प्रसारित होगा।

विशेष रेडियो कार्यक्रम में श्रीमती रश्मि अरुण शमी प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा और श्री लोकेश कुमार जाटव आयुक्त राज्य शिक्षा केन्द्र, श्रोताओं को 6 जुलाई से प्रारंभ होने वाले 'हमारा घर-हमारा विद्यालय'' कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी देंगे।

कोरोना संकट काल में विद्यार्थियों की शैक्षिक निरंतरता को बनाये रखने के लिये राज्य शिक्षा केन्द्र ने 'हमारा घर-हमारा विद्यालय'' योजना तैयार की है। इस योजना के तहत 6 जुलाई से बच्चों को घर पर ही स्कूली वातावरण में अध्ययन की तैयारी की गई है। 'हमारा घर-हमारा विद्यालय'' योजना एक भावनात्मक पारिवारिक पहल है, जो बच्चों को परिवार के सहयोग से घर पर ही पढ़ाई को सुचारु रखने में सहयोगी होगी।

योजना के तहत विद्यार्थी अब अपने घर पर ही विद्यालय के वातावरण में पढ़ाई कर सकेंगे। घर के स्कूल में प्रात: 10 बजे पालकों द्वारा घण्टी/थाली बजाकर स्कूल प्रारंभ किया जायेगा। इसी प्रकार दोपहर एक बजे घण्टी/थाली बजाकर अवकाश किया जायेगा। इससे बच्चों को घर में ही विद्यालय का आभास होगा। इस कार्यक्रम के लिये राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा सुझावात्मक समय-सारिणी भी पालकों और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके अनुसार सोमवार से शुक्रवार प्रात: 10 से दोपहर एक बजे तक विषयानुरूप अध्ययन होगा तथा शनिवार को मस्ती की पाठशाला के तहत मनोरंजनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। वहीं शाम को 2 घंटे विद्यार्थी अपने घर के बड़े बुजुर्गों से कहानियाँ सुनकर उन पर नोट्स तैयार करेंगे और योग तथा खेलकूद की गतिविधियों का आयोजन अपने घर पर ही करेंगे। राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा इस संबंध में अनेक पारम्परिक गतिविधियों के सुझाव भी दिये गये।