अमेरिका और ईरान के युद्ध से भारत को होगा नुकसान

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अमेरिका और ईरान के युद्ध से भारत को होगा नुकसान

अमेरिका और ईरान के युद्ध से भारत को होगा नुकसान 

 

  • पश्चिम एशिया में जंग की आहट
  • देर रात अमेरिकी ठिकानों पर हमला
  • पोम्पियो ने इजरायल, लेबनान से की बात

 

युद्ध की ओर अग्रसर अमेरिका - ईरान

शुक्रवार को अमेरिका के द्वारा किए गए हवाई हमले में ईरान के रिवोल्यूशनरी फोर्स के कमांडर कासिम सुलेमानी को मारे दीया गया । इस हमले के बाद ईरान और अमेरिका में एक बार फिर युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है।पूरे विश्व की नज़र इन्हीं पर टिकी हैं क्योंकि ईरान कच्चे तेल का स्रोत है।अगर ये तनाव युद्ध मे तब्दील हो गया तो तेल की कमी हो सकती हैं और उनके दाम मे भी काफी इजाफा हो सकता है।जिससे मंदी से जूझ रहे देशों मे महंगाई सातवें आसमान में पहुंच सकती है।

कब से शुरू हुआ अमेरिका ने ईरान में तनाव

वर्ष 1953  ईरान में तख्तापलट हुआ। मोहम्मद मोसेद्धक को हटाकर ईरान के शहा रजा पहलवी को सत्ता सौंप दी गई ।इस तख्तापलट के पीछे लंबे समय से अमेरिका और ब्रिटेन की सीक्रेट एजेंसी का होना माना जा रहा था।अमेरिका द्वारा सार्वजनिक किए गए खुफिया कागजात से साबित हो गया कि सी.आई.ए इस तख्तापलट के पीछे थी ।जिसमें उसकी मदद ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI6 ने भी की थी। सी.आई.ए ने इस गुप्त ऑपरेशन को 'प्रोजेक्ट तपाजैक्स' नाम दिया था। फिर 1979 ईरानी क्रांति हो या 1981 का दूतावास संकट ये इस दुश्मनी में आग में घी डालने वाले साबित हुए। लेकिन जुलाई 2015 में राष्ट्रपति ओबामा के दौरान ईरान ने परमाणु समझौता किया था। इस समझौते के अनुसार ईरान अपने यूरेनियम को कम करें और परमाणु संयंत्र को निगरानी के लिए खोलें ये शामिल थे।इसके बदले उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में रियायत दी गई ।इस समझौते से दोनों देशों के रिश्ते में सुधार होने की आशंका थी। लेकिन ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद इस समझौते को रद्द कर दिया।

ईरान ने भी बदले की ठानी

सुलेमानी की मौत के बाद लोगों में अमेरिका के खिलाफ गुस्सा है। शनिवार को जब उनका जनाजा निकला तो लोगों की आंख नम हो गई। अमेरिका मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए लोग जनाजे के साथ चलते रहे ।उधर बदले की शुरुआत करते हुए ईरान ने बगदाद स्थित  ग्रीन जोन और बलाड एयरबेस पर रॉकेट से जबरदस्त हमला किया । इरान बदला लेने के निश्चय से ऐलान करते हुए अपने जामकरन मस्जिद के ऊपर लाल झंडा फहरा दिया है ।यह झंडा युद्ध शुरू होने का या युद्ध के लिए तैयार रहने का संकेत है।

ट्रंप की चेतावनी गंभीर होंगे परिणाम

ईरान के द्वारा किए गए इराक में अमेरिकी दूतावास और एयरवेज में रॉकेट हमले से गुस्साए राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट करके इरान को चेतया है। यदि किसी अमेरिकी नागरिक या संपत्ति को नुकसान हुआ तो परिणाम गंभीर होंगे ।ट्रंप ने कहा हमने 52 ऐतिहासिक जगह को टारगेट कर रखा है। अगर ईरान ने कोई हमला किया तो इस जगह पर जबरदस्त हमले होंगे और इरान को गंभीर नुकसान उठाना पड़ेगा।

भारत में इस तनाव का क्या होगा असर

भारत लगभग 80 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है । इरान भी एक मुख्य देश है जहां से भारत में तेल आयात होता है ।अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो  इसका सीधा असर तेल के दामों पर होगा ।देश में तेल की कमी हुई तो इनके दामों में तेजी आएगी। जिसका सीधा असर रोजमर्रा की चीजों में होगा जिससे देश के हर नागरिक की जेब पर इसका असर पड़ेगा और महंगाई बढ़ सकती है।